Jaunpur News : गरीबों के मसीहा, प्रधानमंत्री से सम्मानित एवं अपने कामों से चर्चा में रहने वाले ऐसे है ये जिलाधिकारी।

Jaunpur News : गरीबों के मसीहा, प्रधानमंत्री से सम्मानित एवं अपने कामों से चर्चा में रहने वाले ऐसे है ये जिलाधिकारी।



रिपोर्ट-@लक्ष्मण कुमार चौधरी
जौनपुर न्यूज़ : उत्तर प्रदेश सरकार में गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मंदर रामपुर जिले से ट्रांसफर होकर अब जौनपुर जिले की कमान संभाल लिए है, उन्होंने जिले की कमान संभालने से पहले माँ शीतला का दर्शन पूजन किया। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मंदर अपने कामों के लिए जाने जाते है, कई जिलों में उन्होंने बहुत ही बेहतर कार्य किया है जिससे उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरस्कृत भी किया है, वहीं कहा जाता है कि प्रधानमंत्री जी जिलाधिकारी की तारीफ़ भी करते है। जिलाधिकारी ने मिशन समर्थ चलाया था जिसके तहत 61 दिव्यांग बच्चों की उन्होंने सर्जरी कराई थी, पीएम आवास योजना के तहत बेघरों का घर बनवाने में बहुतों की मदद की थी, उन्होंने इससे पहले 900 से अधिक तालाब बनवाकर जल संरक्षण में सबसे बड़ा महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
रामपुर में रहे जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मंदर इंसानियत के नाते किए गए कामों की चर्चा में है, उन्होंने दिव्यांगों, गरीबों के हक में बहुत काम किया है।

बताते चलें कि रविंद्र कुमार मंदर 2013 में IAS पद के लिए चुने गए थे, उनकी ट्रेनिंग 2015 तक मसूरी में हुई है। 2015-17 तक फिरोजबाद में जॉइंट मजिस्ट्रेट रहे, 2017-2019 तक आगरा में चीफ डेवलपमेंट ऑफिसर रहे, 2019-21 में उत्तर प्रदेश म्युनिसिपल कमिश्नर, म्युनिसिपल कोर्पोरेशन, वृदावन-मथुरा में थे। इसके बाद से 2021 से ही रामपुर में DM & कलेक्टर के पद पर तैनात रहे, और अब जौनपुर जिले की कमान संभाल रहे हैं। जनता की पानी से जुड़ी परेशानियों को दूर करने वाले रविंद्र कुमार मंदर ने बचपन में अपनी ज़िंदगी में भी इस परेशानी को झेला है, उन्होंने तालाब बनवाने का काम 'अमृत सरोवर योजना' के तहत किया है। इसके साथ की नदियों के डैम भी बनवाए, जल संरक्षण की मुहिम के तहत काम कर चुके रविंद्र ने 40 हजार से अधिक लोगों को राजगार दिया है। आज कल फिर उनकी चर्चा, उनकी नेक-दिली की वजह से हो रही है।


इतना ही नही जिलाधिकारी ने मिशन समर्थ के तहत 61 दिव्यांग बच्चों की सर्जरी कराई है, उन्होंने घाटमपुर स्कूल के एक स्टूडेंट के लिए वो किया जिसने उसे नई ज़िंदगी दी, वसीम को तो अमेरिका से मंगवाकर के हाथ लगवाए हैं, जिसकी कीमत छह लाख रुपये है। उन्होंने शाहबाद के यूसुफपुर गांव के राम रहीस की मदद की है, वे इस युसुफ के गांव पहुंचे , जनसहयोग से उसका घर बनवाना शुरू करवाया, तीन माह में घर बना वे गृह प्रवेश में भी गए हुए थे, उन्होंने 1 महीने 1 गांव में 11 गरीबों को घर दिलाए। उनके इसी व्यवहार ने लोगों का दिल जीता हुआ है। लोगों ने जब उनके बारे में जाना तो जौनपुर के लोगों ने भी काफ़ी उम्मीदें रखी है।


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