रिपोर्ट- लक्ष्मण कुमार चौधरी
जौनपुर। मशहूर शायर मजरूह सुल्तानपुरी का प्रसिद्ध शेर "मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया" जौनपुर की युवा प्रतिभा प्रमोद गुप्ता पर बिल्कुल सटीक बैठता है। जनपद जौनपुर के सुजानगंज से बड़े सपने लेकर निकले प्रमोद ने पहले जौनपुर में रहकर पढ़ाई की और यहीं से अपने सपनों को आकार देना शुरू किया। इसके बाद वह देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने अपने यूट्यूब सफर की शुरुआत "जौनपुर न्यूज" नाम से की।
देखते ही देखते यह सोशल मीडिया चैनल लोगों के बीच लोकप्रिय होता गया। प्रमोद ने अपने सपने को ही अपना लक्ष्य बना लिया और पूरी मेहनत के साथ यूट्यूब की दुनिया में लगातार आगे बढ़ते रहे। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें पहले यूट्यूब का सिल्वर प्ले बटन मिला। अब हाल ही में यूट्यूब की ओर से उन्हें गोल्ड प्ले बटन से सम्मानित किया गया है। प्रमोद गुप्ता के लिए यह उपलब्धि बेहद गर्व की बात मानी जा रही है, क्योंकि जिले में गिने-चुने लोगों के पास ही यूट्यूब का गोल्ड प्ले बटन है।
● अब लक्ष्य 1 करोड़ फॉलोवर का
प्रमोद गुप्ता का मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लगातार मेहनत और बेहतर कंटेंट के दम पर आज उनके विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 50 लाख से अधिक फॉलोवर हैं। गोल्ड प्ले बटन मिलने के बाद उन्होंने अपने लिए एक नया लक्ष्य तय किया है। उनका कहना है कि अब उनका अगला लक्ष्य 1 करोड़ फॉलोवर का है।
● देश के टॉप-20 यूट्यूब न्यूज़ चैनलों में शामिल
प्रमोद गुप्ता का यूट्यूब चैनल लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। विभिन्न डिजिटल रैंकिंग प्लेटफॉर्म समय-समय पर यूट्यूब न्यूज़ चैनलों की रैंकिंग जारी करते हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उनका चैनल देश के टॉप-20 यूट्यूब न्यूज़ चैनलों में अपनी जगह बना चुका है। यह उपलब्धि केवल जौनपुर ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वांचल के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है।
विशेष बातचीत में प्रमोद गुप्ता ने बताया कि जब उन्होंने यूट्यूब की दुनिया में कदम रखा था, तभी यह विश्वास था कि एक दिन कुछ बड़ा जरूर करेंगे। पहले एक लाख सब्सक्राइबर हुए और फिर यह संख्या तेजी से बढ़ती चली गई। उनका कहना है कि देश के टॉप-20 यूट्यूब न्यूज़ चैनलों में शामिल होना इस बात का प्रमाण है कि सफलता केवल संघर्ष, धैर्य और निरंतर मेहनत से ही हासिल होती है।
● जहां कंटेंट, वहीं प्रमोद गुप्ता
प्रमोद के करीबी बताते हैं कि उनके भीतर अपने काम को लेकर अलग ही जुनून है। वह न दिन देखते हैं और न रात। जहां भी उन्हें खबर या बेहतर कंटेंट मिलता है, वहां पहुंचने में देर नहीं करते। उत्तर प्रदेश, बिहार या देश के किसी भी हिस्से में जाने से वह कभी पीछे नहीं हटते।
प्रमोद का मानना है कि पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया ऐसा क्षेत्र है, जहां लगातार मेहनत और ईमानदारी से काम करना ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। वह अक्सर कहते हैं कि यदि इस क्षेत्र में टिके रहना है तो हर दिन खुद को बेहतर साबित करना होगा।
● कभी नहीं हारी हिम्मत
प्रमोद गुप्ता बताते हैं कि वर्ष 2024-25 उनके जीवन का सबसे कठिन दौर रहा। वह साइबर फ्रॉड का शिकार हुए, उनका फेसबुक पेज और इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष करते रहे।
आज उनके तीन फेसबुक पेज और दो यूट्यूब चैनलों को मिलाकर लगभग 50 लाख फॉलोवर हैं। इतने फॉलोवर आमतौर पर बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज के पास होते हैं। जौनपुर के प्रमोद गुप्ता ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। यूट्यूब का गोल्ड प्ले बटन मिलने के बाद उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों में खुशी का माहौल है तथा उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
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