रिपोर्ट- डॉ० दशरथ यादव जौनपुर
शाहगंज (जौनपुर)। समाजवादी पार्टी के पूर्व ऊर्जा मंत्री शैलेंद्र यादव ‘ललई’ ने शनिवार देर शाम शाहगंज स्थित एक निजी होटल में प्रेस वार्ता कर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग प्रलोभन और धमकी देकर मुस्लिम मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने की कोशिश कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारी से बात कर कार्रवाई की मांग भी की है।
पूर्व मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि विधानसभा क्षेत्र के कानामऊ इलाके में भाजपा से जुड़े कुछ लोग नौकरी छिनवाने, मुकदमा दर्ज कराने या प्रशासनिक कार्रवाई की धमकी देकर मतदाता सूची से नाम कटवाने का दबाव बना रहे हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि संबंधित बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) लालच में नहीं आए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ता कह रहे हैं कि “सही हो या गलत, मुसलमानों का नाम काटिए।” ललई के अनुसार, उन्हें इस तरह की शिकायतें पार्टी कार्यकर्ताओं के माध्यम से कई जगहों से मिली हैं। उन्होंने बताया कि कुछ लोग फॉर्म-7 भरकर जल्दबाजी में 17 फॉर्म ले गए, जिन पर हस्ताक्षर भी नहीं थे।
उन्होंने यह भी कहा कि उसरहटा और शेख अशरफपुर क्षेत्र में एसआईआर (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) मामले से संबंधित एक बीएलओ की ऑडियो क्लिप उनके पास होने का दावा है। उनके अनुसार, कई जगहों पर प्रिंटेड फॉर्म भाजपा के लोगों द्वारा पहुंचाए जा रहे हैं, जिनमें न हस्ताक्षर हैं और न ही एपिक नंबर दर्ज है।
ललई ने कहा कि जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो वे अपना वोट बचाने के लिए बीएलओ से मिलने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने भोर में आकर फॉर्म लेकर भागने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि बीएलओ ने ऐसे फॉर्म पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि बड़ागांव क्षेत्र में सौ से अधिक फॉर्म अवैध तरीके से जमा कराकर मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि यदि एसआईआर की पहली प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो इस मामले में दोषियों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया जाए।
● भाजपा जिलाध्यक्ष का पलटवार- पूर्व ऊर्जा मंत्री के आरोपों पर भाजपा जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ललई के बयान को “अनर्गल प्रलाप” बताते हुए कहा कि कोई भी किसी पर आरोप लगा सकता है, लेकिन बिना जांच के किसी का नाम मतदाता सूची से नहीं काटा जा सकता।
उन्होंने कहा कि बीएलओ जांच और प्रमाण के आधार पर ही नाम हटाते हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि भाजपा सरकार में किसी भी कीमत पर गलत काम नहीं हो सकता।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर फॉर्म-7 के माध्यम से भाजपा कार्यकर्ता आपत्ति दर्ज कर रहे हैं, तो पहले सपा सरकार में बिना आपत्ति के ही लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब हो जाते थे।
अजीत प्रजापति ने बताया कि फॉर्म-7 में एपिक नंबर और नाम दर्ज रहता है और आजकल यह फॉर्म ऑनलाइन भी डाउनलोड किया जा सकता है। ऑडियो क्लिप के दावे पर उन्होंने कहा कि बीएलओ को निर्वाचन प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होती, इसलिए हर मामले का निस्तारण जांच के बाद ही किया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सपाई भी फॉर्म-7 के जरिए अवैध मतदाताओं के नाम कटवाने की आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
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