रिपोर्ट: लक्ष्मण कुमार चौधरी | अब तक आपके साथ
जौनपुर। जनपद के विकासखंड करंजाकला अंतर्गत ग्राम काजीबाजार में मलेरिया का एक नया धनात्मक (पॉजिटिव) मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया। मरीज की पुष्टि होते ही जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर निरोधात्मक गतिविधियां शुरू कर दीं। टीम ने मरीज के घर का सत्यापन करने के साथ-साथ आसपास के इलाके में मलेरिया से बचाव और रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीज के घर एवं आसपास के क्षेत्र में मलेरिया जागरूकता अभियान, स्वास्थ्य शिक्षा, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे, सोर्स रिडक्शन, पोस्टर चस्पा तथा पम्पलेट वितरण जैसे कार्य किए गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को मच्छरों से बचाव और समय पर जांच कराने के लिए भी जागरूक किया।
● मादा एनाफिलीज मच्छर से फैलता है मलेरिया
नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. आलोक सिंह ने बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला संक्रामक रोग है। इसके प्रमुख परजीवी प्लाज्मोडियम वाइवैक्स और प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम हैं। उत्तर भारत में अधिकांश मामलों में प्लाज्मोडियम वाइवैक्स पाया जाता है, जबकि प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम अधिक गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि यह मच्छर साफ और रुके हुए पानी में पनपता है तथा अंधेरे, नम और छायादार स्थानों में रहना पसंद करता है। इसलिए घर और आसपास जलभराव न होने देना बेहद जरूरी है।
● 9 से 12 दिन बाद दिखाई देते हैं लक्षण
डॉ. आलोक सिंह के अनुसार संक्रमित मच्छर के काटने के लगभग 9 से 12 दिन बाद मलेरिया के लक्षण दिखाई देते हैं। इनमें ठंड लगकर तेज बुखार आना, कंपकंपी, सिरदर्द, शरीर में दर्द, उल्टी, मितली, भूख कम लगना, खून की कमी, सांस फूलना तथा लीवर और तिल्ली का बढ़ जाना शामिल है। गंभीर स्थिति में मरीज दिमागी मलेरिया का भी शिकार हो सकता है।
● घबराएं नहीं, सभी सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क जांच और इलाज
जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव ने कहा कि मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। जनपद के मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर मलेरिया की निःशुल्क जांच और उपचार उपलब्ध है। समय पर जांच और सही इलाज से मलेरिया पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
● इस वर्ष अब तक 1.76 लाख से अधिक लोगों की जांच
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक जनपद में 1,76,094 संभावित मरीजों की मलेरिया जांच की जा चुकी है। इनमें 14 मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 11 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 3 मरीजों का उपचार जारी है। राहत की बात यह है कि जनपद में इस वर्ष मलेरिया से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
● आशा और एएनएम कर रही हैं घर-घर निगरानी
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि पूरे जनपद में नियमित रूप से मलेरिया जांच अभियान चलाया जा रहा है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच किट और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं। आशा एवं एएनएम कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर उनकी मलेरिया जांच करा रही हैं। साथ ही लोगों को स्वास्थ्य शिक्षा, प्रचार-प्रसार, ब्रीडिंग सोर्स सर्वे और सोर्स रिडक्शन के माध्यम से जागरूक भी किया जा रहा है।
● 30 जुलाई को चला विशेष अभियान
30 जुलाई 2026 को जिला मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव के नेतृत्व में सहायक मलेरिया अधिकारी अशोक कुमार, एसएफडब्ल्यू इंद्रजीत सिंह, एफडब्ल्यू रामरूप यादव तथा आशा कार्यकर्ता अमृता देवी सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्राम काजीबाजार पहुंची। यहां रेशमा पत्नी बदरे आलम के घर जाकर मरीज का सत्यापन किया गया तथा पूरे क्षेत्र में मलेरिया रोकथाम संबंधी गतिविधियां संचालित की गईं।
● स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने जनसामान्य से अपील की है कि मलेरिया से बचाव के लिए निम्न सावधानियां अवश्य अपनाएं—
- मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें।
- घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।
- कहीं भी पानी जमा न होने दें।
- कूलर, गमले और फ्रिज की ट्रे का पानी सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य बदलें।
- पानी की टंकियों को ढककर रखें।
- बुखार आने पर स्वयं दवा न लें, बल्कि तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर निःशुल्क जांच और उपचार कराएं।
मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम में स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के साथ-साथ आमजन की सतर्कता भी बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर जांच, उपचार और साफ-सफाई से इस बीमारी को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
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