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रिपोर्ट- लक्ष्मण कुमार चौधरी
जौनपुर। प्रदेश के मा० मुख्यमंत्री जी के आर्थिक सलाहकार समूह के सदस्य एवं ऊर्जा विशेषज्ञ श्री रविकांत मिश्रा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के सोलर पंप लाभार्थियों, सोलर पंप प्रदाता वेंडरों, विद्युत विभाग एवं यूपी नेडा के अधिकारियों के साथ सोलर पंप के विस्तार तथा सोलर रूफ टॉप योजनाओं को लेकर संवाद किया।
इस दौरान उन्होंने पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत किसानों के यहां स्थापित सोलर पंपों से हो रहे लाभों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। साथ ही पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर रूफ टॉप के लाभार्थियों से सीधे फीडबैक भी लिया।
बैठक में किसानों के बीच सोलर पंपों की घटती मांग के कारणों पर जानकारी मांगी गई, जिस पर उप कृषि निदेशक ने बताया कि वर्तमान में सिंचाई हेतु मुफ्त बिजली आपूर्ति, विद्युत चालित पंपों की तुलना में सोलर पंप से कम जल डिस्चार्ज, तथा छतों पर सोलर पंप न लग पाने जैसे कारण प्रमुख हैं।
वहीं पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों ने बताया कि सोलर रूफ टॉप से उनके बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आई है। साथ ही इसमें किसी प्रकार का मेंटेनेंस खर्च नहीं है और सूर्य की रोशनी से बिजली उत्पादन कर वे नियमित रूप से बिजली बिल की बचत कर रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए उप परियोजना निदेशक आत्मा डॉ. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि पीएम कुसुम योजना से स्थापित सोलर पंपों के माध्यम से जनपद के सिंचित क्षेत्र में लगभग एक प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सोलर पंपों का फसल उत्पादन में समुचित उपयोग किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ दलहनी फसलों की खेती को बढ़ावा देगा, जिससे मृदा उर्वरता में भी सुधार होगा।
बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, उप कृषि निदेशक डॉ. वी.बी. द्विवेदी, नेडा परियोजना प्रभारी, जिला कृषि अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, पीएम कुसुम एवं पीएम सूर्य घर के वेंडर तथा लाभार्थी किसान उपस्थित रहे।
इसके पश्चात बक्सा क्षेत्र के बबुरा गांव निवासी कृषक राम यश यादव के यहां पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत स्थापित सोलर रूफ टॉप एवं पीएम कुसुम योजना के तहत स्थापित सोलर सिंचाई पंपों का स्थलीय सत्यापन किया गया और किसानों से फीडबैक लिया गया।
किसानों ने सुझाव दिया कि यदि सोलर पंपों की मरम्मत हेतु उत्तरदायित्व स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए, तो इससे किसानों की रुचि बढ़ेगी और कृषि का सतत विकास संभव होगा।
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जौनपुर न्यूज़
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