रिपोर्ट- ज्योति मौर्या जौनपुर
कैंडल मार्च इमामबारगाह ख्वाजादोस्त (पोस्तीखाना) से शुरू हुआ। वहां से जुलूस पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष/अध्यक्षा के आवास की तरफ से होते हुए मालिन की गली, राम टॉकीज तथा इमामबारगाह फिरोजुल हसन से गुजरता हुआ पुनः इमामबारगाह ख्वाजादोस्त (पोस्तीखाना) पहुंचकर समाप्त हुआ। इस दौरान रास्ते भर लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर घटना के प्रति अपना विरोध व्यक्त किया और अमेरिका-इजरायल के खिलाफ नारे लगाए। कैंडल मार्च में तमाम अहले मोहल्ला, बुजुर्ग और नौजवान शामिल रहे।
मार्च के समापन के बाद आयोजित एक मजलिस को मौलाना ने खिताब फरमाया। अपने संबोधन में उन्होंने के जीवन, संघर्ष और उनके विचारों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह खामनेई ने हमेशा हक, इंसाफ और मजलूमों की आवाज बुलंद की और पूरी दुनिया में अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े रहने का संदेश दिया।
मौलाना शिराज मेंहदी ने कहा कि अत्याचार और जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना हर इंसान की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में अमन, इंसाफ और इंसानियत को कायम रखने के लिए अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना जरूरी है।
कैंडल मार्च और मजलिस के माध्यम से उपस्थित लोगों ने शांति, न्याय और मानवता की रक्षा का संदेश दिया तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस घटना की निष्पक्ष जांच और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की।
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