रिपोर्ट- ज्योति मौर्या जौनपुर
जौनपुर। खुटहन थाना क्षेत्र के मिठनेपुर गांव निवासी अंकित यादव पुत्र राम आसरे यादव ने जिलाधिकारी जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर प्रसव के दौरान नवजात बच्चे की मौत तथा उनकी पत्नी सुनीता यादव की सीने की पसली की हड्डी टूटने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने मामले में संबंधित क्लीनिक को सीज कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, 5 सितंबर 2026 को करीब शाम 4 बजे अंकित यादव की पत्नी सुनीता यादव को प्रसव पीड़ा होने पर उपचार के लिए आशा फूलकुमारी सिंह पत्नी वीरेंद्र सिंह, निवासी साम्भो मडहरा, थाना खुटहन की सलाह से खुटहन बाजार स्थित अर्चना पाली क्लीनिक ले जाया गया। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि क्लीनिक खुटहन थाना क्षेत्र में सब्जी मंडी के निकट स्थित है।
आरोप है कि डॉक्टर अर्चना यादव ने सुनीता यादव को प्रसव के लिए भर्ती कर लिया। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि प्रसव के दौरान बच्चे को कथित तौर पर जबरदस्ती खींचकर बाहर निकालने के कारण बच्चे की मौत हो गई। साथ ही आरोप लगाया गया है कि प्रसव के दौरान डॉक्टर अर्चना यादव ने महिला के सीने पर चढ़कर दबाव डाला, जिससे उसकी सीने की पसली की हड्डी टूट गई और उसे काफी दर्द होने लगा।
प्रार्थना पत्र के मुताबिक, सुनीता यादव की हालत बिगड़ने पर उसे जान बचाने के लिए चार पहिया वाहन से लक्ष्मी नर्सिंग हॉस्पिटल, जौनपुर, डॉक्टर सी.के. मौर्य के यहां ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पीड़ित का आरोप है कि डॉक्टर अर्चना यादव के कथित कृत्य के कारण उसकी पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है और वह जीवन-मृत्यु से जूझ रही है।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना की सूचना खुटहन थाने में देने के बाद भी तत्काल उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि डॉक्टर अर्चना के प्रभाव के कारण उस पर सुलह करने का दबाव बनाया गया। इसके बाद पीड़ित ने 14 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी व उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी। प्रार्थना पत्र के अनुसार, इसके बाद संबंधित पाली क्लीनिक को सीज कर दिया गया।
जिसके बाद फिर से पीड़ित ने जिलाधिकारी से मिलकर आरोप लगाया है कि इसके बावजूद डॉक्टर अर्चना द्वारा सब्जी मंडी के पूर्व किराए के मकान में कथित रूप से प्रसव कराया जा रहा है और पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने अपने मृतक पुत्र का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की बात भी प्रार्थना पत्र में कही है।
अंकित यादव ने जिलाधिकारी से मांग की है कि डॉक्टर अर्चना के पिता द्वारा अब भी प्राइवेट कमरे में संचालित किए जा रहे कथित प्रसव क्लीनिक को सीज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
उपरोक्त खबर में प्रसव के दौरान लापरवाही, नवजात की मौत और महिला की चोट से जुड़े आरोप पीड़ित द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर लिखे गए हैं।
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